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- vivekanand-chalchitra.html - नारी जागरण का नारा अब व्यवहारिक परिप्रेक्ष्य में लागू होकर परिवार संस्था के मूल्यों की पुनर्स्थापना तक गुँजायमान होना चाहिए, यही समय की माँग हे।
- अखण्ड ज्योति.html - इस समय की माँग को ध्यान में रखते हुए सन् 90 में जो पाँच-पाँच दिन के
प्रायः 60 सत्र संपन्न होने जा रहे हैं, उसकी गरिमा और उपयोगिता गंभीरतापूर्वक समझी जानी चाहिए
- vivekanand-filmen.html - फिर भी इस आशा को जीवन्त रखा जाना चाहिए कि शिक्षा और कला के दो महान माध्यमों को कोई न कोई कभी न कभी अवश्य ही हाथ में लेगा और समय की माँग पूरी करेगाअखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1983-Marchइन्होंने अपने शोध प्रकाशनों में ऐसे कई रोगियों का वर्णन किया है, जो मरकर जी उठे और मरण क्षणों के मध्यवर्ती अनुभव बता सकने में समर्थ हुए।
- अखण्ड-ज्योति.html - जन मानस के परिष्कार के लिए जन सम्पर्क अतीव आवश्यक हैअन्यत्र तो किसे समय की माँग समझाई जाय और किसके आगे हाथ पसारा जाय।
- अखण्ड-ज्योति.html - फलतः उस अध्ययन का लाभ चिन्तन का स्तर उठाने तक सीमित बनकर रह गया समय की माँग है कि अखण्ड-ज्योति परिवार के देव परिजनों को मात्र उत्कृष्ट स्वाध्याय का ही अवसर न मिले-वरद् उस वातावरण में रहने को भी सुविधा हो जो व्यक्तित्व को आदर्शवादी-अध्यात्मवादी ढाँचे में ढालने के लिए अनिवार्य रुप से आवश्यक है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1966-November - आज समय की माँग है कि समाज के प्रबुद्ध व्यक्ति एक या अनेक होकर समाज सुधार के किसी न किसी काम को लेकर आगे बढ़ें और दूसरों को इस ओर बढ़ने की प्रेरणा दें।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1973-November - समय की माँग पूरी करने वाली और मानवी विवेक को जीवित रहने की यह एक सहज साक्षी और स्वाभाविक प्रतिक्रिया ही होगी।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1973-November - नेता नहीं सृजेता चाहिये समय की माँग आन्दोलनकारी नेताओं की नहीं, ऐसे लोक शिक्षकों की है जो जनमानस में जागरण का आलोक उत्पन्न करने का अनवरत प्रयत्न करने में अथक रूप से लगे रहे।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1973-October - चिन्तन और स्वभाव का सड़ा-गला ढर्रा अपनाये रहने वाले तो यह सोच सकते हैं कि उन्हें किन्हीं कठिनाइयों ने जकड़ रखा है और वे समय की माँग को पूरा करने में कुछ भी कर सकने में असमर्थ हो गये हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1973-October - साथ ही यह प्रयत्न भी चल रहा है कि समय की माँग को पूरा करने के लिए कुछ विशिष्टता औ वरिष्ठता का समावेश कैसे किया जाए ? इस संदर्भ में प्रज्ञा परिजनों की मनःस्थिति और परिस्थिति कई प्रकार से भावी प्रयत्नों को अग्रगामी बनाने का स्वरूप गढ़ रही हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1973-October - इस संदर्भ में प्रत्येक युग साधक को गम्भीरता पूर्वक सोचना चाहिए और समय की माँग को देखते हुए अधिकतम उदारता का परिचय देना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1991-August - कारण तत्कालीन प्रथाएँ -मान्यताएँ, नियम-व्यवस्था जिन्हें मनुष्य ने स्वीकार किया था, वह सब समय की माँग ों के अनुरूप थीं और मानव समुदाय को तब इनकी आवश्यकता थी।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1991-August - अधिकारियों को उसी समय की माँग के आगे नतमस्तक होना पड़ा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1991-March - यही समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1991-February - सद्बुद्धि विस्तार, सौहार्द्र की भावना का प्रसार ही आज के समय की माँग है गायत्री की शब्दशक्ति को चेतना का ईंधन कह सकते हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1991-May - इसके लिए स्थानीय स्तर के प्रयास तो चलें हीं, धर्म प्रचार की तीर्थयात्रा द्वारा देवालयों में चेतना के पुनर्जागरण की प्रक्रिया भी अविलम्ब चल पड़े यही समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1991-December - यही समय की माँग भी है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1991-April - इससे लेखक और वक्ता को सस्ती वाहवाही तो मिल जाती है, पर उनसे जो प्रयोजन साधना चाहिए, उसकी पूर्ति दिशाहीनता की स्थिति में नहीं बन पड़ती है, जबकि होना यह चाहिए था कि समय की माँग के अनुरूप लिखा या वक्तृत्व कला को नियोजित किया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1979-October - समय की माँग बढ़ी है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1979-November - हम इधर ध्यान देने लगें तो रुकती प्रतीत होने वाली गाड़ी, आगे बढ़ सकती है और देखते देखते समय की माँग को पूरा करना सम्भव हो सकता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1979-August - गायत्री शक्ति पीठों के माध्यम से लोक मंगल की सर्वतोमुखी योजनाओं को क्रियान्वित करने वाले परिव्राजकों का एक विशिष्ट प्रयत्न यह भी होगा कि धर्म क्षेत्र से सघनता उत्पन्न करके उसमें लगी जनशक्ति को समय की माँग पूरी करने के लिए सहमत करने का जी तोड़ प्रयास करें।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1979-August - प्राणवानों को समय की माँग और पुकार को सुनने तथा तदनुकूल कार्यक्रम बनाने के लिए कटिबद्ध होते देखा जा रहा है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1979-August - उच्च पदासीन, यशस्वी, धनी-मानी अपने प्रभाव का उपयोग करके भी समय की माँग पूरी करने में अपनी विशिष्ट भूमिका निभा सकते हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1979-May - कभी-कभी धर्म-सेवियों का, ऋषि-तपस्वियों का भी मिलन सम्मेलन होता था; ताकि वे मिल जुल कर सामयिक समस्याओं पर विचार कर सकें, पारस्परिक सुख दुःख की पूछ ताछ कर सकें, एक दूसरे के अनुभव से लाभ उठा सके; अधिक संगठित हो सके; समय की माँग का पूरा करने के लिए मिल जुल कर उपाय निर्धारित कर सके।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1979-May - इतने पर भी समय की माँग को देखते हुए जितने आत्मदानी आगे आये है; वे जलते तवे पर पानी की कुछ बूंदें पड़ने के समान है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1979-May - जब कि समय की माँग को देखते हुए उनका विस्तार अत्यधिक संख्या में होना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1997-September - आज के समय की माँग को, मानव मात्र की वेदना को युगऋषि परमपूज्य गुरुदेव ने देखा एवं आयुर्वेद की गरिमा को स्थापित करने के लिए उन्होंने गायत्रीतीर्थ एवं ब्रह्मवर्चस् शोध संस्थान में इनके पुनर्जीवन हेतु समर्थ प्रयास आज से बीस वर्ष पूर्व 1976-77 से ही आरम्भ कर दिए थे।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1997-July - वह कहते हैं, समय की माँग ध्वंस से मुड़कर सृजन की दिशा पकड़ रही है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1997-February - यह सारा भगवान के लिए, समर्पित होने का लाभ है तथा समय की माँग के अनुसार कार्य करने का हैकिन-किन ने समय को पहचाना और समय की माँग के अनुरूप अपने को समर्पित किया? हनुमानजी की मूर्तियाँ आपने देखी हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1997-February - यह सारा भगवान के लिए, समर्पित होने का लाभ है तथा समय की माँग के अनुसार कार्य करने का हैकिन-किन ने समय को पहचाना और समय की माँग के अनुरूप अपने को समर्पित किया? हनुमानजी की मूर्तियाँ आपने देखी हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1997-February - हमने अपनी सारी जिन्दगी में एक ही चीज ढूँढ़ी है कि जो व्यक्ति समय की माँग को समझता है तथा भगवान के कार्य में अपनी अक्ल, श्रम, समय, धन−संपदा लगा देता है, वह महान बन जाता है उसकी शक्ति बढ़ जाती है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1997-May - समय की माँग पूरी करने, उलझी हुई समग्र समस्याओं को हल करने तथा मानव जाति का भविष्य उज्ज्वल बनाने की समस्त सम्भावनाएँ इस योजना में निहित है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2003-February - समय की माँग है श्रेष्ठ साहित्य
मानव जीवन के लिए मानव स्वयं एक अबूझ पहेली बना हुआ है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1994-September - ये लोकनायक स्तर के सृजेताओं को प्रेरणा देने वाले तथा आने वाले समय की माँग के अनुरूप युग नेतृत्व संभालने वालों के लिए होंगे।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1994-June - ऐसे में समय की माँग ने एक नई किस्म के शल्य-चिकित्सकों को जन्म दिया ।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1994-June - यही समय की माँग है ।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1994-May - यही समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1994-April - विवेकशीलता इसी में है और समय की माँग भी यही है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1994-November - समय की माँग को ध्यान में रखते हुए रामकृष्ण परमहंस ने दबाव देकर विवेकानंद को उच्च प्रयोजनों की पूर्ति में लगाया।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1981-December - उन्होंने उत्तर के लिए समय की माँग की।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1981-February - उन्हें कुछ समय की माँग , युग की पुकार, कर्तव्यों की चुनौती एवं महाप्रज्ञा की प्रचण्ड प्रेरणा को सुनने, समझने और तद्नुरूप ढलने, बदलने का प्रयत्न करना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1981-March - समय की माँग ें अपने-अपने ढंग की होती हैं और उनकी पूर्ति के लिए सदा एक जैसे उपाय उपचार नहीं अपनाये जाते।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1981-May - समय की माँग और परिजनों की मनःस्थिति दोनों का ही सामयिक एवं सराहनीय विकास हुआ है, तद्नुरूप नये-नये उपकरण जुटाने और नई-नई आवश्यकताओं की पूर्ति का ताना-बाना बनाने की आवश्यकता पड़ रही है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1981-September - इतने पर भी प्राणियों की अपनी निजी विशेषता इतना हठीली है कि उसे द्रुतगति से बदल जाने और समय की माँग को पूरा कर सकने के लिए सहमत करना नितान्त कठिन है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1993-December - ऐसी दशा में पुराने ढर्रे पर अड़े रहने की अपेक्षा भलाई है कि समय की माँग के अनुरूप आवश्यक परिवर्तन करते रहा जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1993-December - हम आकर्षक व्यक्तित्व की संरचना गढ़ें, अनावश्यक कौतुक खड़ा न करें-यही समाज की सर्वोपरि आवश्यकता और समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1993-November - समय की माँग भी यही है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1993-November - महामानव निर्माण का यह समग्र क्षेत्र अनुसंधान प्रक्रिया से गुजरे, यह समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1993-March - जो समय की माँग को नहीं जानता वह अनुपयुक्त सोचता है और ऐसा कुछ करता है जिससे पश्चाताप करना और उपहास सहना पड़े।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1993-March - अस्तु समय की माँग पूरी करने के लिए दूने मनोबल वाले, दूने पराक्रम कर दिखाने वाले सृजन शिल्पियों की अगले ही दिनों आवश्यकता पड़ेगी।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1969-September - समय की माँग है कि पचास वर्ष से अधिक आयु का हर व्यक्ति भले ही घर में रहे पर आत्म-निर्माण और आत्म-विकास की आध्यात्मिक प्रक्रिया में संलग्न होकर अपने और समाज के कल्याण का महत्त्वपूर्ण प्रयोजन पूर्ण करने में संलग्न हों।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1969-June - वे फोर्ड से मिली और विस्तृत विचार-विमर्श के लिये और समय की माँग की।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1969-August - समय की माँग है कि पचास वर्ष से अधिक आयु का हर व्यक्ति भले ही घर में रहे पर आत्म-निर्माण और आत्म-विकास की आध्यात्मिक प्रक्रिया में संलग्न होकर अपने और समाज के कल्याण का महत्त्वपूर्ण प्रयोजन पूर्ण करने में संलग्न हों।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1974-November - समय की माँग का पूरा करने के महान प्रयोजन को जो महत्व देगा उसे फुरसत न मिलने की शिकायत न करनी पड़ेगी।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1974-November - लक्ष्य एक है—कार्यक्रम समय की माँग पूरी करने के लिये कई बनाने पड़ रहे हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1974-December - समय की माँग वस्तुतः इतनी ही प्रबल है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1974-December - इस वर्ष उसे आपत्ति कालीन आवश्यकता समझा जाय और अपने निजी कामों में डडडड करके भी समय की माँग समझ कर पूरा किया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1974-March - समय की माँग इतनी प्रबल है कि कोई देर में पूरी हो सकने वाली योजना हाथ में नहीं ली जा सकती।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1974-January - व्यक्ति की योग्यता, अभिरुचि— समय की माँग -साधनों की सुविधा को देखते हुए कार्यक्रमों का निर्धारण और परिवर्तन होता रहेगा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1989-February - फिर समय की माँग एवं परिवर्तन प्रक्रिया का सूक्ष्म अवलोकन करने से भी आभास मिलता है कि कठिनाइयों ओर विसंगतियों के दुर्दिन लद गए ओर अगला समय ऐसा आने वाला है जिसमें जिन संकटों संभावनाओं को अब तक असाधारण माना जाता रहा है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1989-July - समय की माँग और शर्म विद्यार्थी बालको से लेकर अध्यापकों तक को बाधित करेगी कि वे अपने संपर्क क्षेत्र में किसी को अशिक्षित रहने देने में अपने ऊपर सीधा कलंक अनुभव करेंगे।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1989-April - उसके माध्यम से समय की माँग को पूरा कर सकने की आशा यत्किंचित ही उभरती है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1978-August - इन दिनों समूचे परिवार में नव-जीवन का उभार प्रत्यक्ष परिलक्षित हो रहा है और समय की माँग को पूरा करने में प्रायः सभी अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार जुटे हुए हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1978-March - समय की माँग ने इस प्रयास में कुछ विशेषताएँ जोड़ देने की आवश्यकता बताई है सो भी इस पुनर्गठन वर्ष से जुड़ रही हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1978-March - किन्तु भावनाशीलों ने समय की माँग को ईश्वर का आमन्त्रण माना और वे मूर्खों की मण्डली में जा सम्मिलित हुए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1984-March - प्रज्ञाचक्र के ज्ञानरथ संचालन, टेप रिकार्डर- स्लाइड प्रोजेक्टरों के द्वारा प्रज्ञा पुराण कथा का नौ दिवसीय आयोजन, घर-घर जन्म दिन की पर्व गोष्ठी आयोजन तथा बाल संस्कार शिक्षण शाला एवं हरीतिमा सम्वर्धन हेतु पौधशालाएँ लगाना इनके अतिरिक्त ऐसा शिक्षण है जो लम्बे समय की माँग करता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1984-June - उनने देखा कि समय की माँग जितना करने की है, उतना स्थूल शरीर की परिधि में बाँधे रहने पर ठीक तरह बन नहीं पड़ रहा है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1984-June - यदि दृष्टि में इतनी विशालता आयी होती तो उस बचत को ऐसे कार्यों में खर्च किया गया होता जिससे अनेकों का वास्तविक हित साधन होता और समय की माँग पूरी होने में सहायता मिलती।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1998-June - समय की माँग के अनुरूप नए परिसर में एक ऐसी विश्वविद्यालय स्तर की स्थापना की जा हरी है, जहाँ पर सर्वांगपूर्ण शिक्षण देकर कार्यकर्ताओं का निर्माण किया जा के।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1998-December - समय की माँग , समय की पुकार यह है कि इन दिनों वातावरण में जो अवांछनीय तत्वों का घुलन एवं मिलन हो गया है, उसे समय रहते निरस्त किया जाय, ताकि जनसाधारण की स्थिति ठीक हो सके एवं सभी को खुले वातावरण में साँस लेने का मौका मिल सके।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1998-December - यह समय की माँग है कि वातावरण में अवांछनीयता का जो समावेश हो गया है, उसे समय रहते निरस्त किया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1998-May - समय की माँग यही है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1998-July - न्यूनाधिक यही स्थिति दूसरे देशों में बड़े शहरों की है, अतः ऐसे निर्माण अब समय की माँग हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1998-July - चतुरों ने इसमें घाटा बताया और हानि सुझायी, किन्तु भावनाशीलों ने समय की माँग को सद्गुरु-विश्वगुरु के रूप में आए ईश्वर का आमंत्रण माना और इसे प्राणपण से स्वीकार कर लिया।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1998-October - युगसंधि महापुरश्चरण साधना वर्ष -2 शिष्टता का नये सिरे से उभार - समय की माँग के अनुरूप दो दबाव इन दिनों निरन्तर बढ़ते जा रहे है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1988-July - समय की माँग है कि दोनों ही विधाओं के पक्षधर अब इस महायात्रा पर चल ही पड़े।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1988-July - कुंभ व अन्यान्य पर्वों पर सीमित संख्या में ही यात्रीगण वहाँ पहुंचा करे, ऐसा अंकुश समय की माँग और परिस्थितियों को देखते हुए स्वयं ही लगाया जा सकता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1988-December - एकत्र जन समुदाय को, समय की माँग एवं युग प्रत्यावर्तन में उनकी भूमिका के सम्बन्ध में आयोजन से पूर्व ही संगत प्रवचनों के माध्यम से इतना कुछ समझा दिया गया होता है कि उपस्थित जन यह जान सकें कि उन्हें क्या करना है? इस धर्मानुष्ठान में उन्हें किन सत्प्रवृत्तियों के अभिवर्धन का व्रत लेना है और किन दुष्प्रवृत्तियों के परित्याग हेतु संकल्प लिया जाना है? न्यूनतम एक त्याग और एक ग्रहण की मन स्थिति भावनाशील लोग बना सकें, इस प्रकार की भाव संवेदना उभार देना उन वक्ताओं, गायकों का लक्ष्य रहता है ताकि आयोजन में लगाया श्रम, समय, साधन सफल हो सके और अनेक नये व्रतशील उभर सकें।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1988-January - उनके लिए पढ़ाई की विशेष व्यवस्था से ही समय की माँग पूरी हो सकेगी।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1995-January - उनने ही यह बीड़ा भी उठाया, चल पड़े और समय की माँग पूरी करने के लिए प्राण हथेली पर रखकर जैसे भी बन पड़ा, संजीवनी बूटी लेकर समय पर वापस लौट आए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1995-December - समय की माँग के आगे तो युग देवता भी नतमस्तक है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1995-December - नारी जागरण का नारा अब व्यवहारिक परिप्रेक्ष्य में लागू होकर परिवार संस्था के मूल्यों की पुनर्स्थापना तक गुँजायमान होना चाहिए, यही समय की माँग हे।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1995-September - नवीन साधना सम्बन्धी कार्य पद्धति में कुछ नये तत्वों के समावेश की आवश्यकता पड़ी, जिन्हें एकान्त साधना करनी है, उनकी बात दूसरी है पर जिन्हें आपत्तिकालीन समय की माँग को देखते हुये जन आन्दोलन के क्रिया–कलापों में लगना है उन्हें अपनी साधना में ऐसे तत्वों का समन्वय करना चाहिये।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1995-September - यह बात अर्जुन के कथन के परिप्रेक्ष्य में बड़ी अच्छी तरह समझी जा सकती है कि युगधर्म का निर्वाह एवं परिव्राजक बनकर समय की माँग का परिपालन पूज्यवर के अभियान में जुटकर किया जा सकता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1995-June - इस स्थिति का भाँति-भाँति पर्यवेक्षण कर समय की माँग को पूरा करने हेतु संव्याप्त अनास्था रूपी संकट की विभीषिका को मिटाने के निमित्त एक महामानव ने अपना सारा जीवन इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु खपाते हुए एक ऐसा तंत्र खड़ा किया, जिसके स्वरूप व लक्ष्य को देखते हुए यह आशा बँधने लगी है कि यह प्रयोजन अवश्य पूरा होकर रहेगा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1995-March - समय की माँग यही हैं।
- चिन्तन.html - चिन्तन और स्वभाव का सड़ा-गला ढर्रा अपनाये रहने वाले तो यह सोच सकते हैं कि उन्हें किन्हीं कठिनाइयों ने जकड़ रखा है और वे समय की माँग को पूरा करने में कुछ भी कर सकने में असमर्थ हो गये हैं।
- चिन्तन.html - प्राणवानों को समय की माँग और पुकार को सुनने तथा तदनुकूल कार्यक्रम बनाने के लिए कटिबद्ध होते देखा जा रहा है।
- चिन्तन.html - लक्ष्य एक है—कार्यक्रम समय की माँग पूरी करने के लिये कई बनाने पड़ रहे हैं।
- चिन्तन.html - चिन्तन और स्वभाव का सड़ा-गला ढर्रा अपनाये रहने वाले तो यह सोच सकते है कि उन्हें किन्हीं कठिनाईयों ने जकड़ रखा है और वे समय की माँग को पूरा करने में कुछ भी कर सकने में असमर्थ हो गये हैं।
- आराधना.html - यदि दृष्टि में इतनी विशालता आयी होती तो उस बचत को ऐसे कार्यों में खर्च किया गया होता जिससे अनेकों का वास्तविक हित साधन होता और समय की माँग पूरी होने में सहायता मिलती।
- साधना.html - इस संदर्भ में प्रत्येक युग साधक को गम्भीरता पूर्वक सोचना चाहिए और समय की माँग को देखते हुए अधिकतम उदारता का परिचय देना चाहिए।
- साधना.html - साधना चाहिए, उसकी पूर्ति दिशाहीनता की स्थिति में नहीं बन पड़ती है, जबकि होना यह चाहिए था कि समय की माँग के अनुरूप लिखा या वक्तृत्व कला को नियोजित किया जाय।
- साधना.html - समय की माँग , समय की पुकार यह है कि इन दिनों वातावरण में जो अवांछनीय तत्वों का घुलन एवं मिलन हो गया है, उसे समय रहते निरस्त किया जाय, ताकि जनसाधारण की स्थिति ठीक हो सके एवं सभी को खुले वातावरण में साँस लेने का मौका मिल सके।
- साधना.html - समय की माँग , समय की पुकार यह है कि इन दिनों वातावरण में जो अवांछनीय तत्वों का घुलन एवं मिलन हो गया है, उसे समय रहते निरस्त किया जाय, ताकि जनसाधारण की स्थिति ठीक हो सके एवं सभी को खुले वातावरण में साँस लेने का मौका मिल सके।
- साधना.html - चतुरों ने इसमें घाटा बताया और हानि सुझायी, किन्तु भावनाशीलों ने समय की माँग को सद्गुरु-विश्वगुरु के रूप में आए ईश्वर का आमंत्रण माना और इसे प्राणपण से स्वीकार कर लिया।
- साधना.html - साधना करनी है, उनकी बात दूसरी है पर जिन्हें आपत्तिकालीन समय की माँग को देखते हुये जन आन्दोलन के क्रिया–कलापों में लगना है उन्हें अपनी साधना में ऐसे तत्वों का समन्वय करना चाहिये।
- साधना.html - साधना सम्बन्धी कार्य पद्धति में कुछ नये तत्वों के समावेश की आवश्यकता पड़ी, जिन्हें एकान्त साधना करनी है, उनकी बात दूसरी है पर जिन्हें आपत्तिकालीन समय की माँग को देखते हुये जन आन्दोलन के क्रिया–कलापों में लगना है उन्हें अपनी साधना में ऐसे तत्वों का समन्वय करना चाहिये।
- साधना.html - यों ही उछल-कूद अथवा आपराधिक प्रवृत्ति के आधार पर यादि और स्थिरता के बदले अपयश ही गले पड़ता है विवेक एवं सद्बुद्धि का तकाजा यह है कि अपने समय की माँग को समझ स्वीकार करे ओर “धियो यो नः प्रचोदयात्”साधना ‘ (द्वितीय खण्ड ) में की है प्रसंग एक उच्चस्तरीय साधक का है।
- साधना.html - यों ही उछल-कूद अथवा आपराधिक प्रवृत्ति के आधार पर यादि और स्थिरता के बदले अपयश ही गले पड़ता है विवेक एवं सद्बुद्धि का तकाजा यह है कि अपने समय की माँग को समझ स्वीकार करे ओर “धियो यो नः प्रचोदयात्”साधना में स्वर्णित सविता अर्थात् प्रातःकालीन उदीयमान सूर्य की प्रकाश रश्मियों की ध्यान धारणा का विशेष महत्व हैं ओजस्, तेजस् एवं वर्चस अर्जित करने के लिए गायत्री उपासकों में से जिन्होंने भी इस दिशा में निष्ठापूर्वक ईमानदारी से कदम बढ़ाया है उनने बौद्धिक एवं आध्यात्मिक दोनों की क्षेत्रों में आशातीत सफलताएं अर्जित की है प्रकाश-साधना हर वर्ग एवं हर आयु के नर-नारी सुगमतापूर्वक कर सकते हैं।
- साधना.html - इस सर्न्दभ में प्रत्येक युग साधक को गम्भीरता पूर्वक सोचना चाहिए और समय की माँग को देखते हुए अधिकतम उदारता का परिचय देना चाहिए।
- साधना.html - जिनमें समय की माँग , प्रवाह के परिवर्तन और पतन को अभ्युदय में परिवर्तित कर सकने की क्षमता न हो।
- आत्मबोध.html - उनने ही यह बीड़ा भी उठाया, चल पड़े और समय की माँग पूरी करने के लिए प्राण हथेली पर रखकर जैसे भी बन पड़ा, संजीवनी बूटी लेकर समय पर वापस लौट आए।
- चिंतन.html - ऐसी दशा में पुराने ढर्रे पर अड़े रहने की अपेक्षा भलाई है कि समय की माँग के अनुरूप आवश्यक परिवर्तन करते रहा जाय।
- search-phrase.html - यदि दृष्टि में इतनी विशालता आयी होती तो उस बचत को ऐसे कार्यों में खर्च किया गया होता जिससे अनेकों का वास्तविक हित साधन होता और समय की माँग पूरी होने में सहायता मिलती।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1967-February - यह क्षमता पराधीन अथवा पक्षपाती मस्तिष्क में नहीं होती कि वह समय की माँग , समाज की आवश्यकता को ठीक से देख, समझ और परख सके और तदनुसार पथ एवं प्रकाश दें सके।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1992-November - वाजश्रवा, हरिश्चंद्र आदि ने अपने समय की माँग पूरा करने के लिए ऐसे ही सर्वमेध सम्पन्न किये हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2000-May - पाँच सूत्री योजना जो प्रज्ञापुंजों के लिए परमपूज्य गुरुदेव निर्धारित कर गए, हम सभी के लिए आज के इस महापूर्णाहुति वर्ष में और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय की माँग है कि अब वे सुनियोजित ढंग से पूरे हों।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2000-May - लोकसेवी, समयदानी, वानप्रस्थ, परिव्राजक अब अगणित संख्या में प्रशिक्षित हो भारत व विश्व के कोने-कोने में पहुँचें, यह समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2000-September - समय की माँग को पूरा करना चाहिए और युग की माँग को पूरा करना चाहिए और महाकाल ने, भगवान् ने जहाँ आपको बुलाया है, वहाँ आपको चलना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1976-June - यह सुविकसित स्थिति वह होनी चाहिए जो समय की माँग को पूरा कर सकने में समर्थ हो।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1976-June - वर्तमान परिस्थितियों का मुकाबला करने में समर्थ- समय की माँग को पूरा कर सकने के उपयुक्त मनुष्य का निर्माण करने के लिए वैज्ञानिकों की दृष्टि में वंश विज्ञान की गहरी खोज करने के उपरान्त इस निष्कर्ष पर पहुँचा गया है कि नर नारी के प्रजनन तत्व में समर्थ जीव कणों का नये सिरे से उत्पादन एवं परिशोधन किया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1976-June - अन्यत्र तो किसे समय की माँग समझाई जाय और किसके आगे हाथ पसारा जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1976-August - समय की माँग है कि धर्म तत्व की भर्त्सना करने के स्थान पर उसकी मूलभूत उपयोगिता को विकसित करने में विचारशील वर्ग द्वारा नये सिरे से प्रयत्न किया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1976-July - समय की माँग है कि उद्देश्य के अनुरूप आधार भी खड़े किये जायँ।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1976-March - हमें यह ध्यान रखना होगा कि समय की माँग और युग की पुकार ने वह आकर्षण उत्पन्न किया है जो कि देशों में परिलक्षित हो रहा है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1965-July - समय की माँग , युग की पुकार इतनी प्रबल होती है कि उसके द्वारा बड़े-बड़े प्रवाह मोड़ दिये जाते हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1983-December - जो इस तथ्य से अनभिज्ञ रहते, आंखें मूँदते हैं, वे समय की माँग न पूरी कर सकने पर दाँत निपोरते, उपहासास्पद बनते और पश्चाताप करते देखे गये हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1983-December - फिर भी इस आशा को जीवन्त रखा जाना चाहिए कि शिक्षा और कला के दो महान माध्यमों को कोई न कोई कभी न कभी अवश्य ही हाथ में लेगा और समय की माँग पूरी करेगा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1983-March - महामानव-निर्माण का यह समग्र क्षेत्र अनुसंधान प्रक्रिया से गुजरे, यह समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1983-April - समय की माँग इतनी बड़ी और समर्थ प्रतिभाओं की भारी कमी को देखते हुए सूझ नहीं पड़ता है कि डूबते को बचाने और रेंगते को उछालने के लिए जिस सामर्थ्य की आवश्यकता है उसे कहाँ जाकर खोजा और किस प्रकार संजोया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1983-June - समय की माँग है कि दूरदर्शी विवेकशीलता जगाने का प्रज्ञा अभियान धीमी गति से नहीं आँधी तूफान की तरह अग्रगामी बनाया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1968-January - समय की माँग हर प्रबुद्ध व्यक्ति से अपने में ऐसा परिवर्तन करने की है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1968-January - समय की माँग हर प्रबुद्ध व्यक्ति से अपने में ऐसा परिवर्तन करने की है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2001-September - भारतीय योग-विज्ञान को इस दिशा में समय रहते सचेत होना चाहिए अन्यथा समय की माँग पूरा न कर सकने पर यह अवसर सदा के लिए हाथ से चला जायेगा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2001-September - भारतीय योग-विज्ञान को इस दिशा में समय रहते सचेत होना चाहिए अन्यथा समय की माँग पूरा न कर सकने पर यह अवसर सदा के लिए हाथ से चला जायेगा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2001-September - समय की माँग ने योग के प्रति वह आकर्षण उत्पन्न किया है जो विदेशों में भारतीयों द्वारा योग प्रचार की सफलता के रूप में परिलक्षित हो रहा है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2001-August - (3) क्या आप समय की माँग को पूरा करने हेतु अपने अंदर उत्साह से भरे हैं?अगर यह आपको प्राप्त हो जाएगा तो आपके दुश्मन भाग खड़े होंगे तथा आपका अहंकार समाप्त हो जाएगा और आप वजनदार, इज्जतदार आदमी हो जाएँगे तथा आपको हर जगह सम्मान मिलेगा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2001-February - हर चीज महँगी हो जाने के कारण समय की माँग है कि हर बात में खरच कम किया जाए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 2001-February - हर चीज महँगी हो जाने के कारण समय की माँग है कि हर बात में खरच कम किया जाए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1985-April - इस बार एकाकी वे सब प्रयत्न करने और समय की माँग को पूरा करना है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1985-July - समय की माँग बड़ी है उसके लिए उबली पूजा से काम नहीं चल सकता।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-December - आपके सामने समय की माँग इस तरीके की है, जिसे आपको पूरा करना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-December - आप इस समय अपनी सारी इच्छाओं और आकाँक्षाओं को सिर्फ इस काम में लगा दीजिए कि हमें समय की माँग पूरी करनी है, युगस्रष्टा की भूमिका निभानी है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-December - समय की माँग क्या है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-December - यों ही उछल-कूद अथवा आपराधिक प्रवृत्ति के आधार पर यादि और स्थिरता के बदले अपयश ही गले पड़ता है विवेक एवं सद्बुद्धि का तकाजा यह है कि अपने समय की माँग को समझ स्वीकार करे ओर “धियो यो नः प्रचोदयात्”
पाठकों का स्तम्भ- - जिज्ञासाएँ आपकी - समाधान हमारे
अनेक पाठ-परिजन ऐसे है जो विगत कुछ वर्षों में या अभी-अभी ‘अखण्ड ज्योति’ पत्रिका से जुड़े हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-May - समय की माँग है कि विज्ञान और अध्यात्म का पर्दा और चेतना का ऐसा तालमेल बैठे जिसके सहारे व्यक्ति की गरिमा और समाज की व्यवस्था को उच्चस्तरीय बनाया जा सकना संभव हो सके।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-September - समय की माँग यह है कि व्यवस्थित, सुनियोजित रूप से महिला जागरण का प्रयास एक आन्दोलन अभियान के रूप में गतिमान हो।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-September - यों तो स्कूली और कॉलेजी शिक्षा प्राप्त को शिक्षित नारी कहा जाता है पर आज समय की माँग है कि इनमें वे नारियाँ भी शामिल की जावें जो पढ़ी लिखी तो कम हैं, किन्तु नारी कल्याण के लिए जिनके हृदय में ज्वालामुखी धधक रही है राष्ट्रीय आन्दोलन में पढ़ी लिखी नारी के अतिरिक्त सामान्य नारियों ने भी आन्दोलन को सक्रिय रखने में पूर्ण सहयोग दिया था।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-September - अच्छा हो कि हम अपने घरों में उसका स्वागत-समर्थन आरम्भ करें और सिद्ध करें कि समय की माँग को समझने और स्वीकार करने में हम समर्थ हो गए हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-September - उनमें से किसी को भी अपनाकर विचार किया जाय तो आवश्यक प्रतीत होगा कि समय की माँग को देखा जाय-उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखा जाय तो नारी उत्कर्ष अपने समय का सबसे बड़ा काम प्रतीत होगा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-November - इस समय, समय की माँग ये है कि आप अपने समय का, श्रम का, अपनी शक्ति का बड़े से बड़ा भाग समाज की संरचना के लिए, महाकाल की पुकार को पूरा करने के लिए, युग की चुनौती स्वीकार करने के लिए लगाएँ, अपने आप को पेश करें।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-April - समय की माँग है कि नीर-क्षीर विवेक का सरंजाम जुटाया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1996-January - यही समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-January - समय की माँग है कि एक क्षण का भी समय न गँवाया जाय और वातावरण का परिशोधन करने के लिए मानवी प्रयत्नों में सर्वोपरि महत्त्व के इस पंच वर्षीय योजना को कार्यान्वित करने में जो भी बाधाएँ हो उनका निराकरण सोचा जाए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-October - चिन्तन और स्वभाव का सड़ा-गला ढर्रा अपनाये रहने वाले तो यह सोच सकते है कि उन्हें किन्हीं कठिनाईयों ने जकड़ रखा है और वे समय की माँग को पूरा करने में कुछ भी कर सकने में असमर्थ हो गये हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-October - साथ ही यह प्रयत्न भी चल रहा है कि समय की माँग को पूरा करने के लिए कुछ विशिष्टता औ वरिष्ठता का समावेश कैसे किया जाए ? इस संदर्भ में प्रज्ञा परिजनों की मनःस्थिति और परिस्थिति कई प्रकार से भावी प्रयत्नों को अग्रगामी बनाने का स्वरुप गढ़ रही हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-October - इस सर्न्दभ में प्रत्येक युग साधक को गम्भीरता पूर्वक सोचना चाहिए और समय की माँग को देखते हुए अधिकतम उदारता का परिचय देना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-November - उन दिनों विभूतिवानों की विशिष्ट परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए - निजी कामों को गौण मानते हुए - समय की माँग पूरी करने को प्रमुखता देनी पड़ती है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-November - स्वयं के कुछ अधिक करने की स्थिति न होने पर भी यह सम्भव है कि उस चर्चा के फलस्वरुप किसी को उत्साह एवं साहस मिले और वह अपने संस्कारों तथ परिस्थितियों के अनुरुप समय की माँग को पूरा करेन के लिए उपयोगी दिखा धारा एवं प्रेरणा प्राप्त करके उससे भी अधिक कर-गुजरे जितना कि अपने से भी न बन पड़ता।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-December - समय की माँग ठीक तरह समझी और समझाई जा सके उसे पूरी करने के लिए प्रतिभाशाली लोगों द्वारा स्वंय अग्रगामी आदर्श उपस्थिति करते हुए अनुगमन का आहृन किया जाय तो बात अनसुनी कर दिये जाने का अवसर आ ही नहीं सकेगा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-February - इस प्रयोजन के लिए सभी परिजनों से उनकी पत्नि और बच्चों के सह जन्म समय की माँग की जा रही है ।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-August - इन दिनों न समय की माँग अनसुनी की जा सकती है और न आत्मा की पुकार को देर तक दबाया जा सकता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-August - जागृतो के उत्तरदायित्व और समय की माँग की संगति बिठाई जा सके तो इसी निर्ष्कष पर पहुँचना पड़ता है कि इन दिनों वैयक्तिक जंजालों को थोड़ा हलका किया जा सकता है और उस बचत को उन परमार्थ प्रयोजनों में लगाया जा सकता है जो युग सन्धि के इस पर्व पर मानवी सभ्यता के विकास या विनाश में ये एक का चुनाव करने के साथ सम्बद्ध हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1980-April - समय की माँग है कि अखण्ड-ज्योति परिवार के देव परिजनों को मात्र उत्कृष्ट स्वाध्याय का ही अवसर न मिले-वरद् उस वातावरण में रहने को भी सुविधा हो जो व्यक्तित्व को आदर्शवादी-अध्यात्मवादी ढाँचे में ढालने के लिए अनिवार्य रुप से आवश्यक है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1972-May - पर समय की माँग इतनी विकट है और - शिक्षार्थियों की संख्या इतनी अधिक है एवं शिक्षण साधन इतने कम हैं कि उस प्रशिक्षण काल में फिलहाल भारी कटौती करने के अतिरिक्त और कोई चारा नहीं रहा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1972-May - अब समय की माँग है वह सब क्रमबद्ध रूप से-व्यावहारिक एवं प्रत्यक्ष क्रिया कलाप के साथ सिखाया समझाया और अभ्यस्त कराया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1972-May - समय की माँग पूरी करने, उलझी हुई समग्र समस्याओं को हल करने तथा मानव जाति का भविष्य उज्ज्वल बनाने की समग्र सम्भावनायें इस योजना में सन्निहित हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1982-February - अस्तु समय की माँग एक ही है कि मृतक न सही मूर्छित स्थिति में पड़ी हुई आत्मविद्या को उसके सही स्वरूप में पुनर्जीवित किया जाए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1982-June - धर्मोपदेशक काल्पनिक गपबाजी में निरत भ्रान्ति फैलाने वालों में से अपना नाम कटाकर समय की माँग पूरी करने वाले—युग धर्म को समझने वाले कहला सकते है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1982-August - समय की माँग भूतकाल में भी पूरी होकर रही है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1982-October - समर्थ लोग उसे ईसाई मिशन की तरह बड़े रूप से सोचें और करें, यह समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1982-October - ऐसी दशा में एक ही उपाय सूझता है कि अपने निजी परिवार को लेकर समय की माँग को टूटे-फटे साधनों से पूरा करने के लिए हिम्मत तो दिखाई जाए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1982-May - युग चेतना की इस माँग को पूरा करने के लिए हमें तथ्यों पर अधिक गम्भीरता पूर्वक विचार करना चाहिए और समय की माँग को पूरा करने में प्रमोद नहीं बरतना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1982-November - भावनाशील जागृत आत्मा जहाँ अन्तःप्रेरणा का युग चेतना का दबाव अनुभव करेंगे वहीं से ये दोनों अनुदान भी स्वेच्छापूर्वक उभरेंगे और समय की माँग पूरी करने के निमित्त कारण बनेंगे, अपना ही नहीं अपने प्रभाव क्षेत्र में आने वालों का सहयोग अर्जित करेंगे।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1986-May - साथ ही समय की माँग ध्वंस से मुड़कर सृजन की दिशा पकड़ रही है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1986-August - इसलिए अपने देश की महती आवश्यकता को देखते हुए समय की माँग पूरी करने के लिए हर शिक्षित को चाहिए कि उन्हें पास पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ही नहीं, जो शिक्षा का महत्व तक समझते नहीं उनके घरों पर जाकर भी पढ़ाने का प्रबन्ध करना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1987-August - अब समय की माँग यह है कि मनुष्य को बहुज्ञ होना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1987-September - आत्म निरीक्षण का ठीक यही समय है भूले सुधारने का भी इस दिशा में धर्म-तंत्र को आगे आना चाहिए क्योंकि उसका अपना महत्व सम्मान प्रभाव है उसके पास साधन की कमी नहीं सभी धर्म स्थानों की सम्पदा और उस दिशा में नियोजित जन शक्ति का अनुमान लगाया जाय तो इस निष्कर्ष पर पहुँचना पड़ेगा कि इससे पूर्व कभी भी भारतीय धर्म तं. की छत्र छाया में तनी शक्ति एकत्रित नहीं हुई बुद्ध जैसे महामानवों ने अपनी शक्ति एकत्रित नहीं हुई बुद्ध जैसे महामानवों ने अपनी शक्ति से देश भर में विदेशों में धर्म चक्र प्रवाह की गगनचुंबी लहर उठाने में सफलता पाई थी यह उसकी सीमित शक्ति का प्रभाव था उसके स्थान पर धर्म संस्थानों की धर्माचार्यों की संयुक्त शक्ति तो आज अनेक गुनी अधिक आँकी जा सकती है प्रश्न केवल उसको सम्पादित कराके एक केन्द्र पर केंद्रीभूत करने की है साथ ही एक निश्चित लक्ष्य बनाकर उस प्रयास में उस क्षमता को नियोजित करने की यदि ऐसा बन पड़े तो प्रचलित अवाँछनीयताओं से भली प्रकार लोहा लिया जा सकता है और उनके स्थान पर सद्वृत्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जा सकती है वो लोग धर्म की दुहाई देते और उसी के लिए अपने सहचर अनुयायियों का समय श्रम धन लगते रहते हैं, यदि वे समय की माँग पर ध्यान दे तो उन्हें धर्म पाठ पढ़ाने के स्थान पर स्वयं ही उसे पढ़ने की आवश्यकता प्रतीत होगी अपने मुट्ठी भर अनुयायियों की अलग पहचान बनाए रखने की चेष्टा रखने की अपेक्षा अधिक श्रेयस्कर यही कि सभी धर्म प्रेमियों को एक छात्रावास में एकत्रित किया जाय और उनकी क्षमताओं को सर्वतोमुखी प्रगति के लिए है नियोजित किया जाय।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1956-June - जातीय एकता समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1956-July - समय की माँग है अब दहेज बन्द होना चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1975-September - ठीक इसी प्रकार अध्यात्म वेत्ताओं को भी समय की माँग को पूरा करने के लिए विचारणा एवं श्रद्धा के शक्तिशाली चेतना तत्वों को नये सिरे से ढालना पड़ता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1975-September - विश्राम के लिए समय की माँग न करनी चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1975-August - ठीक इसी प्रकार अध्यात्म वेत्ताओं को भी समय की माँग को पूरा करने के लिए विचारणा एवं श्रद्धा के शक्तिशाली चेतना तत्वों को नये सिरे से ढालना पड़ता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1975-August - विश्राम के लिए समय की माँग न करनी चाहिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1975-February - भारत के अध्यात्म क्षेत्र को इस दिशा में समय रहते सचेत होना चाहिए अन्यथा समय की माँग पूरा न कर सकने पर यह अवसर फिर सदा के लिए हाथ से चला जायेगा।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1975-April - वानप्रस्थ प्रशिक्षण के माध्यम से जन-मानस का भावनात्मक नव निर्माण करने में जो असाधारण योगदान मिल रहा है उसे देखते हुए यह आवश्यक समझा गया है कि इन सत्रों को यदा-कदा करते रहने से काम नहीं चलेगा, वरन् उसे स्थायी बनाने से ही समय की माँग पूरी करनी होगी।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1971-January - जिनके पास गुजारे के लिए मौजूद है वे दस दिनों अधिक कमाने की बात सोचने की अपेक्षा अर्जित से काम चलाने और अपना समय, समय की माँग पूरी करने में लगायें।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1999-September - यह बात अर्जुन के कथन के परिप्रेक्ष्य में बड़ी अच्छी तरह समझी जा सकती है कि युगधर्म का निर्वाह एवं परिव्राजक बनकर समय की माँग का परिपालन पूज्यवर के अभियान में जुटकर किया जा सकता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1999-September - यह बात अर्जुन के कथन के परिप्रेक्ष्य में बड़ी अच्छी तरह समझी जा सकती है कि युगधर्म का निर्वाह एवं परिव्राजक बनकर समय की माँग का परिपालन पूज्यवर के अभियान में जुटकर किया जा सकता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1999-May - अब समय की माँग यह है कि दोनों में समन्वय हो और उस समन्वित इकाई से एक समग्र व्यक्तित्व का निर्माण हो।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1999-November - वह धर्म स्थापना के लिए, समय की माँग को पूरा करने के लिए, समय की माँग को पूरा करने के लिए आपको रोज पुकारता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1999-November - वह धर्म स्थापना के लिए, समय की माँग को पूरा करने के लिए, समय की माँग को पूरा करने के लिए आपको रोज पुकारता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1999-August - आप समय की माँग को पूरा की जिए।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1999-December - इसे युग-परिवर्तन का संतुलन बिठाने वाला समय की माँग को पूरा करने वाला एक सशक्त आध्यात्मिक प्रयोग कहा जा सकता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-July - समय की माँग के अनुरूप पुण्य-परमार्थ का परिचय देने वालों को भी सदा नफे में ही रहने का सुयोग मिलता है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-September - क्योंकि यह महाकाल की प्रेरणा है ईश्वर की इच्छा है, समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-April - जिनमें समय की माँग , प्रवाह के परिवर्तन और पतन को अभ्युदय में परिवर्तित कर सकने की क्षमता न हो।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-November - प्रस्तुत समय की माँग है कि विज्ञान की खोज प्रकृति पदार्थों और उनमें सन्निहित शक्तियों के उद्घाटन तक सीमित न रहकर चेतना की गहराइयों में प्रवेश करे जिसमें भाव संवेदनाओं, मान्यताओं, आस्थाओं, प्रज्ञा, श्रद्धा आदि के उच्चस्तरीय तत्व छिपे हैं।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-November - भले ही वे समय की माँग को पूरा करने में समूचा समय न लगा रहे हों पर शरीर माँग के लिए 20 घण्टे लगाते रहने के उपरान्त चार घण्टे तो नव सृजन के लिए लगाते ही रह सकेंगे।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-May - लालसाओं आवश्यकताओं से सन्तुष्ट होकर समय की माँग को पूरा किया जा सका तो समझना चाहिए कि मानव जीवन धन्य हुआ।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-February - प्रागैतिहासिककाल में चतुर्दिक् फैले महर्षि अगस्त्य की वेदपुरी, भारद्वाज की प्रयागस्थित प्रशिक्षणशाला, महर्षि विश्वामित्र का सिद्धाश्रम आदि ने समय की माँग ों को पूरा किया।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-February - प्रागैतिहासिककाल में चतुर्दिक् फैले महर्षि अगस्त्य की वेदपुरी, भारद्वाज की प्रयागस्थित प्रशिक्षणशाला, महर्षि विश्वामित्र का सिद्धाश्रम आदि ने समय की माँग ों को पूरा किया।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-February - समय की माँग यह है कि व्यवस्थित, सुनियोजित रूप में महिला जागरण का प्रयास एक आंदोलन-अभियान के रूप में गतिमान हो।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-February - परिस्थितियों व समय की माँग को समझकर जुट पड़ा जाए, यही श्रेयस्कर है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-February - स्रष्टा की योजना, समय की माँग और औचित्य के परिपोषण का महत्त्व समझते हुए सुग्रीव, विभीषण, नल-नील, जामवंत जैसों ने अपनी क्षमता का श्रेष्ठतम उपयोग युगधर्म के निर्वाह में ही लगाया।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-August - क्योंकि यह महाकाल की प्रेरणा है ईश्वर की इच्छा है, समय की माँग है।
- अखण्ड ज्योति वर्ष-महीना 1990-January - इस समय की माँग को ध्यान में रखते हुए सन् 90 में जो पाँच-पाँच दिन के
प्रायः 60 सत्र संपन्न होने जा रहे हैं, उसकी गरिमा और उपयोगिता गंभीरतापूर्वक समझी जानी चाहिए।